Bhagwan

BHUMI H. KHANDWANI - VII

भगवान

सुबह-सुबह जब आँख खुली
चिड़ियों ने चहचहाया I
हवाओं का झोंका सरसराया,
मीठी धूप की किरणों ने सराहा,
मानो जीवन धन्य हुआ I
वह कौन है जो तुझे जगाया,
वह तू ही है, वह तू ही है,
जिसे सबने भगवान बताया I
तू है समाया हुआ,
प्रकाश में,पुण्य में,
विकास में, दिव्य में,
दुआओं में , प्रार्थनाओं में,
हर पवित्र भावनाओं में ,
जो जीवन देता है,
वह तू ही है, वह तू ही है,
जिसे हम ने भगवान बताया I

Posted in:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *